Wednesday, January 23, 2019

विजय रुपाणी और अल्पेश ठाकोर पर बिहार में चलेगा केस

पिछले साल 28 सितंबर को गुजरात के साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर गांव में 14 साल की एक बच्ची का कथित रूप से बलात्कार किया गया था. मामले में मुख्य अभियुक्त रघुवीर साहू नाम के एक बिहारी मज़दूर को बनाया गया था.

इस घटना के बाद उत्तर गुजरात में बिहार-यूपी के लोगों के साथ हिंसा की ख़बरें आनी शुरू हो गई. दहशत और डर के साये में हज़ारों बिहारी मज़दूर गुजरात से पलायन कर गए.

उत्तर भारतीयों के साथ बुरे बर्ताव और बिहारी लोगों को जबरन भगाने के आरोप में गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी और कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर के खिलाफ़ नौ अक्तूबर 2018 को मुजफ़्फ़रपुर की एक अदालत में शिकायत की गई थी.

क़रीब दो महीने बाद मामले पर सुनवाई करते हुए शबा आलम की अदालत ने मंगलवार को रूपाणी और अल्पेश दोनों के खिलाफ एफ़आईआर दर्ज कर मामले की जांच करने का आदेश दे दिया है. अदालत ने दोनों पर आईपीसी की धारा 153, 295 और 504 लगाई है.

जिस मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने ऐसा आदेश जारी किया है, उसे दायर करने वाले मुजफ़्फ़रपुर के ही तमन्ना हाशमी हैं. हाशमी एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं और "हक-ए-हिन्दुस्तान" नाम से एक संगठन चलाते हैं.

शिकायतकर्ता तमन्ना हाशमी ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "ऐसे लोगों को अदालत में इसलिए लाने की ज़रूरत थी क्योंकि ये देश तोड़ रहे हैं. वहां पर बिहारियों को इस तरह मारा जा रहा था जैसे वो बिहार से नहीं पाकिस्तान से आए हों. विजय रुपाणी पर हिंसा रोकने और लॉ एंड ऑर्डर को मेन्टेन करने का ज़िम्मा था, जिसमें वो ना सिर्फ़ फेल हुए बल्कि इसे शह दी. जबकि अल्पेश ठाकोर ने तो सार्वजनिक रूप से आकर बिहारियों के खिलाफ हिंसा भड़काने वाले बयान दिए थे."

हाशमी आगे कहते हैं, "मैं बिहारी तो हूं, लेकिन सबसे पहले एक हिन्दुस्तानी हूं. मुझे सदमा लगा जब मैंने टीवी और मीडिया में देखा कि मेरे ही देश में मेरे ही लोगों के खिलाफ़ इस तरह हिंसा की जा रही है. बिहार तो कोई अलग प्रांत नहीं है ना या फिर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है ना, फिर जो ग़लती कर रहा है उसकी सज़ा तो अदालत देगी न.

अल्पेश ठाकोर ने खुलेआम वहां के लोगों के मन में बिहारियों के प्रति नफरत भरी और जब संभालने की बारी आई तो मुख्यमंत्री विजय रुपाणी इसमें नाकाम रहे. बल्कि भडकाऊं बयान और भाषण देने वाले वो नेता खुलेआम घूमते रहे."

अदालती निर्देश के अनुसार मामले की प्राथमिकी मुज़फ़्फ़रपुर के ही कांटी थाने में दर्ज की जाएगी.

'पुलिस को अब तक नहीं मिले सबूत'

बीबीसी से बात करते हुए मुज़फ़्फ़रपुर के एसएसपी मनोज कुमार ने कहा, "अदालत का जैसा आदेश होगा उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का काम है उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच करना और फिर अदालत में उसकी रिपोर्ट जमा करना. पुलिस ईमानदारी के साथ अपना काम करेगी."

चूंकि, अदालत का यह आदेश मंगलवार को ही जारी हुआ है और अभी तक शिकायतकर्ता तमन्ना हाशमी की ओर से पुलिस को साक्ष्य नहीं दिए गए हैं, इसलिए अभी तक (खबर लिखे जाने तक) मामले की प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी हैं.

बीबीसी से बात करते हुए कांटी के थानाध्यक्ष ने कहा कि "अदालत का आदेश अभी हम तक नहीं पहुंचा है. शिकायत करने वाले पक्ष की ओर से अभी तक कोई इससे जुड़ा साक्ष्य भी पेश नहीं कराया गया है."

तमन्ना ने इस संबंध में बात करते हुए कहा, ''अभी तक उनके वकील ने इस संबंध में थाने में साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए हैं. हम अपने साक्ष्य और गवाह इकट्ठा कर रहे हैं. अदालत का आदेश है तो पुलिस को तो मामला दर्ज करना ही पड़ेगा. संभवत: बुधवार को मेरे वकील अपने तमाम गवाहों और साक्ष्यों के साथ कांटी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराएंगे."

कांग्रेस-बीजेपी के बीच जारी है 'ब्लेम-गेम'

गुजरात में यूपी-बिहार के लोगों को साथ हुई हिंसा के बाद राजनीतिक बयानबाज़ियां भी ख़ूब हुई थीं. बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सीधे-सीधे अल्पेश ठाकोर पर निशाना साधते हुए कहा था, ''हिंसा को कांग्रेस बढ़वा दे रही है.''

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ऐसे में जब अदालत ने अल्पेश के साथ-साथ विजय रुपाणी के ख़िलाफ़ भी मुकदमा चलाने का आदेश दे दिया है तो बीजेपी ने एक बार फिर से घटना का कसूरवार केवल कांग्रेस को ठहाराया है.

बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद बीबीसी से कहा, "हमने पहले दिन से कहा था कि इसमें केवल कांग्रेस का हाथ है. अब तो अदालत ने भी मुकदमा दायर करने का आदेश दिया है."

मुक़दमा मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के खिलाफ भी चलेगा, इस पर निखिल ने कहा, "किसी भी प्रदेश में जब इस तरह की घटनाएं होती हैं तो लॉ एंड ऑर्ड़र को मेन्टेन रखना चुनौती बन जाता है. आपको नोटिस ये करना चाहिए कि वहां की बीजेपी सरकार ने किस तरह विवाद को शांत कराया और परिस्थितियों पर काबू पा लिया गया. कांग्रेस के लोग तो जानबूझकर ऐसा करना चाह ही रहे थे."

गुजरात के राधनपुर से कांग्रेस विधायक अल्पेश ठाकोर फिलहाल बिहार में संगठन के सह चुनाव प्रभारी हैं. गुजरात में उत्तर भारतीयों के खिलाफ हुई हिंसा में अल्पेश ठाकोर और उनके संगठन "ठाकोर सेना" पर आरोप लगने के बाद अल्पेश ने बिहार और यूपी के मुख्यमंत्री को खुला खत लिखकर मामले में अपनी भागीदारी का खंडन किया था.

उन्होंने कहा था, ''उत्तर भारतीयों के ख़िलाफ़ हो रहे हमले एक साजिश के तहत हो रहे हैं. जिसमें उनके ठाकोर समुदाय को घसीटा जा रहा है.''

हालांकि, पुलिस की कार्रवाई में भी जिन करीब 350 लोगों को हिंसा भड़काने और मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था उनमें से दर्जनों ठाकोर सेना से ताल्लुक रखते थे.

Tuesday, January 15, 2019

सबरीमलाः मंदिर में प्रवेश करने वाली महिला पर हमला

दो जनवरी को 50 साल से कम उम्र की दो महिलाओं ने सबरीमला मंदिर में प्रवेश किया था. इसमें से एक महिला कनकदुर्गा पर तथाकथित हमला किया गया है.

वे इस वक़्त केरल के कोझिकोड सरकारी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां डाक्टरों ने उनकी चोट का स्कैन किया है और अब स्कैन की रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है.

ये हमला उनकी सास ने उनपर तब किया जब वो आज सुबह सबरीमला मंदिर के दर्शन के बाद अपने घर वापस लौटीं.

कनकदुर्गा के साथ मंदिर में प्रवेश करने वाली बिंदु अम्मिनी ने बताया, ''उनकी सास ने उनके सिर पर वार किए. ये हमला तब किया गया जब वह अपने आज सुबह अपने घर पहुंची. ''

पेरिनथलमन्ना की 40 साल की बिंदु और कन्नूर की 39 साल की कनकदुर्गा ने दो जनवरी को मंदिर में प्रवेश करने में सफ़ल हुई थीं. दोनों महिलाओं को प्रदर्शनकारियों से सुरक्षा प्रदान करते हुए पुलिसकर्मियों ने मंदिर में दाखिल किया था.

28 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को स्वामी अयप्पा के मंदिर परिसर में जाने की अनुमति दे दी थी. ऐसी प्रथा है कि स्वामी अयप्पा ब्रह्मचारी हैं और माहवारी की आयु की महिलाएं अंदर नहीं जा सकती हैं. लेकिन इन दो महिलाओं ने सालों पुरानी परंपरा तोड़ी.

कनकदुर्गा नायर समुदाय से हैं. वो आज सुबह साढ़े सात बजे ही अपने घर लौटी थीं. अब तक वो और उनकी साथी बिंदु, सुरक्षा कारणों से अपने रहने की जगह कई बार बदल चुकी थीं. जब उन्होंने सबरीमला में प्रवेश करने की पहली कोशिश की थी तभी से दक्षिणपंथी हिंदूवादी संगठन, उनके घर के बाहर प्रदर्शन करते रहे हैं.

कनकदुर्गा और बिंदु को मिलाने वाले सोशल मीडिया ग्रुप के एक सदस्य ने अपना नाम उजागर ने करने की शर्त पर बीबीसी हिंदी से बात की. उन्होंने कहा, "उसे घर में घुसते ही डंडे से मारा गया. उसे एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन बाद में मलापुरम के सरकारी अस्पताल में शिफ़्ट कर दिया गया."

बिंदु कहती हैं, "ये घरेलू मामला है. ये सच है कि उनके पति, कनकदुर्गा के सबरीमला जाने के पक्ष में नहीं थे. लेकिन अब इस घटना के बाद वो पूरी तरह से कनकदुर्गा के साथा हैं. "

इन महिलाओं के सात सबरीमला मंदिर जाने वाले डा. प्रसाद अमोरे कहते हैं, '' उनका परिवार नहीं चागता था कि वो गर वापस आएं. क्योंकि उन्होंने घर की साख को खराब किया है. उनका परिवार सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के ख़िलाफ़ था. ''

उधर बिंदु ने अब दोबारा लॉ कॉलेज में पढ़ाना शुरू कर दिया है. बीबीसी हिंदी से बातचीत में उन्होंने कहा,"मैं अपने छात्रों और साथी अध्यापकों के बीच बड़े आराम से हूँ. वे सब लोग मुझे पूरा सहयोग दे रहे हैं"

Monday, January 14, 2019

बिकवाली का असर बाजार पर, सेंसेक्‍स 245 अंक तक टूटा

एशियाई बाजारों में बिकवाली की वजह से सप्‍ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार पर भी दबाव दिख रहा है. सोमवार को सेंसेक्स सुबह 103.43 अंकों की मजबूती के साथ 36,113.27 पर जबकि निफ्टी 12.05 अंकों की बढ़त के साथ 10,807 पर खुला. शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्‍स 245 अंकों तक टूट गया. बता दें कि एशियाई बाजार में सुस्त कारोबार हो रहा है. जापान का बाजार निक्केई आज बंद है.  इससे पहले शुक्रवार को शुरुआती लाभ गंवाकर सेंसेक्स 96.66 अंक के नुकसान से 36,009.84 अंक पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी में 26.65 अंक की गिरावट आई और यह 10,794.95 अंक पर बंद हुआ. वहीं, शुक्रवार को अमेरिकी बाजार हल्की कमजोरी के साथ बंद हुए थे.

ये हैं बढ़त वाले शेयर

शुरुआती कारोबार में बढ़त वाले शेयर की बात करें तो यस बैंक, इन्‍फोसिस, सन फार्मा और एचयूएल हैं.वहीं एशियन पेंट, मारुति, कोटक बैंक, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, रिलायंस, एसबीआईएन और टाटा मोटर्स के शेयर में गिरावट दर्ज की गई. 

डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति

वहीं डॉलर के मुकाबले रुपये की बात करें तो इसमें मामूली कमजोरी देखने को मिली. सोमवार को रुपया 1 पैसे टूटकर 70.48 के स्तर पर खुला. जबकि पिछले कारोबारी दिन यानि शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे टूटकर 70.49 के स्तर पर बंद हुआ. अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव में नरमी आने से रुपये को सपोर्ट मिला है.  दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत की माप करने वाला डॉलर इंडेक्स 0.04 फीसदी फिसलकर 95.225 पर बना हुआ था.

संजू अस‍िस्टेंट डायरेक्टर ने लगाए ह‍िरानी पर आरोप
बता दें कि हिरानी पर जिस महिला ने आरोप लगाया वह उनके साथ रणबीर कपूर की फिल्म संजू में बतौर अस‍िस्टेंट डायरेक्टर काम कर चुकी है. महिला के मुताबिक फिल्म के पोस्ट प्रोडक्शन के दौरान ह‍िरानी ने उसका उत्पीड़न जिया. हिरानी के साथ लंबे समय से सहयोगी रहे और 'संजू' के को-प्रोड्यूसर विधु विनोद चोपड़ा को महिला ने मेल लिखकर इस बारे में जानकारी दी थी. हालांकि हिरानी ने अपने वकील के जरिए महिला के सभी आरोपों को खारिज किया है.

हालांकि कांग्रेस के एमएलसी दिनेश सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह ने पार्टी को छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया है. इसके अलावा हरचंद्रपुर से कांग्रेस विधायक राकेश सिंह भले ही बीजेपी ज्वॉइन नहीं किया हो, लेकिन वो कांग्रेस के साथ भी नहीं खड़े दिख रहे हैं.

बीजेपी ने 2019 में रायबरेली और अमेठी की घेराबंदी करने का प्लान बना रखा है.  बीजेपी नेता स्मृति ईरानी पिछले पांच साल से अमेठी में सक्रिय हैं. वो लगातार अमेठी का दौरा कर रही हैं और स्थानीय मुद्दों को उठाकर कांग्रेस आलाकमान को घेरती रहती हैं. इसी रणनीति के तहत बीजेपी ने सोनिया गांधी की संसदीय सीट से एमएलसी दिनेश प्रताप सिंह को अपने साथ मिला लिया है. इन दिनों दिनेश सिंह कांग्रेस नेतृत्व को घेरने का काम कर रहे हैं.

Monday, January 7, 2019

भारत 71 साल में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाला पहला एशियाई देश बना

भारत 71 साल में ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाला पहला एशियाई देश बन गया। चार मैचों की सीरीज का आखिरी टेस्ट बारिश के कारण सोमवार को ड्रॉ घोषित किया गया। इसके साथ ही भारत ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। भारत से पहले ऑस्ट्रेलिया में वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड ही टेस्ट सीरीज जीत पाए थे। भारत ने 1947-48 में ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज खेली थी। विदेश में भारत को दो साल बाद टेस्ट सीरीज में जीत हासिल हुई है। वहीं, टेस्ट में विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने विदेश में चौथी और कुल 11वीं सीरीज जीती है।

भारत अब तक ऑस्ट्रेलिया में 12 टेस्ट सीरीज खेल चुका है। उसने ऑस्ट्रेलिया में आठ सीरीज गंवाईं, जबकि तीन ड्रॉ कराने में सफल रहा। पाकिस्तान भी ऑस्ट्रेलिया में 1947-48 में टेस्ट सीरीज खेल रहा है। वह अब तक एक भी बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाया है। श्रीलंका और बांग्लादेश को भी कामयाबी नहीं मिली है।

बारिश के कारण रद्द हुआ आखिरी दिन का खेल
इससे पहले बारिश के कारण बॉर्डर-गावस्कर सीरीज के चौथे और आखिरी टेस्ट के आखिरी दिन का खेल रद्द हो गया। खराब मौसम के कारण चौथे दिन भी 64.4 ओवर का खेल बर्बाद हो गया था। खराब रोशनी के चलते तीसरे दिन भी 16.3 ओवर कम फेंके गए थे।

ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाले विराट पहले एशियाई कप्तान

विराट कोहली ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाले पहले भारतीय और एशियाई कप्तान बन गए। टीम इंडिया ने उनकी अगुआई में विदेश में अब तक आठ टेस्ट सीरीज खेली हैं। इनमें से उसकी यह चौथी सीरीज जीत है। विराट की कप्तानी में भारत श्रीलंका में दो और वेस्टइंडीज में एक टेस्ट सीरीज पहले ही जीत चुका है। वहीं, 2014/15 में हुई ऑस्ट्रेलिया, 2017/18 में हुई दक्षिण अफ्रीका और पिछले साल इंग्लैंड में हुई टेस्ट सीरीज में उसे हार झेलनी पड़ी।

धोनी के संन्यास लेने के बाद से विराट संभाल रहे कमान

विराट ने 2014/15 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले टेस्ट में टीम इंडिया की कमान संभाली। दूसरे और तीसरे टेस्ट में धोनी ने भारतीय टीम की अगुआई की। इसके बाद धोनी ने टेस्ट से संन्यास ले लिया और चौथे टेस्ट में विराट ने कप्तानी की। विराट तब से ही भारतीय क्रिकेट टीम के नियमित कप्तान हैं। भारत उस सीरीज के शुरुआती दोनों टेस्ट हार गया था।

विराट की कप्तानी में भारत ने सभी घरेलू टेस्ट सीरीज जीतीं

विराट ने 2014/15 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहली बार टीम इंडिया की कमान संभाली थी। तब से अब तक वे 15 टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम की अगुआई कर चुके हैं। इनमें से सात घरेलू मैदान पर खेली गईं हैं। टीम इंडिया ने वे सातों सीरीज अपने नाम की हैं।